Oil Tanker Attack in Strait of Hormuz: कभी तेल सप्लाई का सबसे बड़ा रूट माना जाने वाला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिलहाल मौत की घाटी बना हुआ है. यहां से जो भी जहाज गुजर रहे हैं, उनके क्रू की जान खतरे में ही रहती
है. एक बार फिर से ओमान के तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य में एक तेल टैंकर पर हमला हुआ है. समाचार एजेंसी एपी ने इस मामले की जानकारी देते हुए कहा है कि यह हाल के दिनों में समुद्री जहाजों पर हुए ताजा हमलों में से एक है. फिलहाल हमले के पीछे किसका हाथ है और टैंकर को कितना नुकसान पहुंचा है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
इस घटना के बाद क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं. ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने बताया है कि ओमान के लीमाह तट के पास होर्मुज में एक तेल टैंकर पर किसी अज्ञात हथियार से हमला किया गया है. एजेंसी ने जानकारी दी है कि टैंकर के सुरक्षा अधिकारी ने जानकारी दी कि खतरे को देखते हुए चालक दल ने जहाज खाली कर दिया और सभी सदस्य लाइफबोट में सुरक्षित चले गए.
IRGC का दावा, दो टैंकरों का विस्फोट
इस घटना के कुछ ही समय बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिणी समुद्री मार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे दो तेल टैंकरों में विस्फोट के बाद भीषण आग लग गई. इसके अलावा भी यहां ईरान-अमेरिका का समझौता टूटने के बाद से कई बार जहाजों पर हमले किए गए हैं. अगर पिछले एक हफ्ते की बात करें तो यहां पर करीब तीन कॉमर्शियल वेसल्स पर हमला किया जा चुका है. वहीं पिछले 24 घंटों में ही हमले की दो घटनाएं सामने आई हैं.
ईरान-अमेरिका युद्ध में क्या हालात?
ईरान-अमेरिका के बीच हुए 14 सूत्रीय समझौते के टूटने के बाद से परिस्थितियां और ज्यादा खराब हो चुकी हैं. होर्मुज में तो बवाल ऐसा मचा हुआ है कि कॉमर्शियल शिप्स का गुजरना मुश्किल हो गया है. वहीं दूसरी ओर ईरान पर अमेरिका के ताबड़तोड़ हमले हो रहे हैं. जवाब में ईरान ने भी कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी बेसेज को रौंद डाला है. इसमें दो अमेरिकी सैनिकों की मौत भी हुई है, जिसके बाद युद्ध के और भड़कने की आशंका बढ़ गई है.














