अभ्यंग मालिश का अनुभव
अभ्यंग, एक पारंपरिक आयुर्वेदिक मालिश, शरीर और मन दोनों के लिए एक अद्भुत उपाय है। यह गर्म तेल का उपयोग करके किया जाता है, जो त्वचा में गहराई तक प्रवेश करता
है, तनाव को कम करता है, और रक्त परिसंचरण को बेहतर बनाता है। यह मालिश न केवल शारीरिक आराम प्रदान करती है, बल्कि यह मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन को भी बढ़ावा देती है। अभ्यंग शरीर को डिटॉक्सिफाई करने में मदद करती है, मांसपेशियों को आराम देती है, और त्वचा को चमकदार बनाती है। यह मालिश पूरे शरीर पर की जा सकती है, जिसमें सिर से लेकर पैर तक तेल लगाया जाता है। नियमित अभ्यंग से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है, जिससे आप तरोताजा और पुनर्जीवित महसूस करते हैं। 2026 में, अभ्यंग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना एक शानदार विचार है। आप इसे स्वयं भी कर सकते हैं या किसी पेशेवर आयुर्वेदिक चिकित्सक से करवा सकते हैं।
गंडुशा या घी खींचना
गंडुशा, या घी खींचना, एक प्राचीन भारतीय अभ्यास है जिसमें मुंह में घी घुमाया जाता है। यह मुंह के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और समग्र कल्याण को बढ़ावा देने का एक शानदार तरीका है। घी में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो मुंह में हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करते हैं, जिससे सांसों की दुर्गंध, मसूड़ों की बीमारी और दांतों की सड़न जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है। घी खींचने से मुंह के अंदर की नमी भी बनी रहती है, जो सूखेपन को कम करती है। इस प्रक्रिया को आमतौर पर सुबह खाली पेट किया जाता है। एक चम्मच घी को मुंह में लें और इसे 15-20 मिनट तक घुमाएं। इसके बाद, घी को थूक दें और सादे पानी से अच्छी तरह से कुल्ला करें। 2026 में, घी खींचना एक सरल और प्रभावी तरीका हो सकता है अपने मौखिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और अपने समग्र स्वास्थ्य में सुधार करने का।
नाभि पुराण और तेल लगाना
नाभि पुराण एक अनूठी आयुर्वेदिक प्रथा है जिसमें रात को नाभि पर तेल लगाना शामिल है। नाभि, शरीर का एक महत्वपूर्ण बिंदु है, जो कई तंत्रिकाओं और ऊर्जा मार्गों से जुड़ा हुआ है। नाभि पर तेल लगाने से शरीर में विभिन्न लाभ होते हैं। यह पाचन को बेहतर बनाने, त्वचा को हाइड्रेट करने और नींद को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है। विभिन्न प्रकार के तेलों का उपयोग किया जा सकता है, जैसे कि बादाम का तेल, नारियल का तेल या तिल का तेल, जो आपकी व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुसार होता है। रात को सोने से पहले नाभि पर कुछ बूंदें तेल लगाएं और हल्के हाथों से मालिश करें। 2026 में, यह सरल अभ्यास आपके जीवन में एक शांत और स्वस्थ तत्व जोड़ सकता है।
सोने से पहले त्रिफला
त्रिफला एक शक्तिशाली आयुर्वेदिक हर्बल मिश्रण है जिसमें तीन फल शामिल हैं: अमलाकी, बिभीतकी और हरितकी। यह पाचन में सुधार, शरीर को डिटॉक्सिफाई करने और समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है। त्रिफला में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो शरीर को मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। सोने से पहले त्रिफला लेने से कब्ज से राहत मिल सकती है, नींद बेहतर हो सकती है और शरीर को आराम मिल सकता है। त्रिफला को कैप्सूल, पाउडर या चाय के रूप में लिया जा सकता है। 2026 में, रात को त्रिफला का सेवन करना आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का एक सरल और प्रभावी तरीका हो सकता है।










