ब्रेक और टायर का डबल चेक
मानसून में सबसे ज़रूरी है अपनी बाइक के ब्रेक्स और टायर्स पर ध्यान देना। बारिश में सड़कें चिकनी होने से ब्रेकिंग डिस्टेंस बढ़ जाता है, इसलिए राइड से पहले ब्रेक्स ज़रूर चेक करें। देखें कि ब्रेक शूज़ या पैड्स
घिसे तो नहीं हैं। डिस्क ब्रेक में ब्रेक फ्लूइड का लेवल सही होना चाहिए। पानी और कीचड़ से ड्रम ब्रेक की पकड़ कम हो सकती है, इसलिए उन्हें साफ रखें। टायर्स की बात करें तो, उनके खांचे गहरे होने चाहिए ताकि वे सड़क से पानी हटाकर अच्छी पकड़ बना सकें। घिसे हुए टायरों से राइड करना खतरनाक है। टायर में हवा का दबाव भी सही रखें, इससे फिसलने का खतरा कम होता है और बेहतर कंट्रोल मिलता है।
विजिबिलिटी का रखें खास ख्याल
मानसून में दूसरी बड़ी चुनौती विजिबिलिटी की होती है। भारी बारिश में रास्ता साफ नहीं दिखता और दूसरे वाहन चालक भी आपको आसानी से नहीं देख पाते। इसका उपाय है कि अपनी बाइक की हेडलाइट, टेल-लाइट और इंडिकेटर्स को हमेशा चालू और साफ रखें। हेलमेट के वाइज़र पर वैक्स या रेन-रेपेलेंट स्प्रे का इस्तेमाल करें, जिससे पानी की बूंदें उस पर नहीं टिकेंगी। खुद को विजिबल बनाने के लिए, ब्राइट रंग का रेनकोट या जैकेट पहनें। अपनी बाइक और हेलमेट पर रिफ्लेक्टिव स्टिकर्स या टेप लगाना एक बहुत ही कारगर उपाय है। यह कम रोशनी में दूसरे वाहनों की लाइट पड़ते ही चमकते हैं, जिससे आपकी मौजूदगी का पता चलता है।
चेन और इलेक्ट्रिकल्स को बचाएं
पानी और कीचड़ आपकी बाइक की चेन और इलेक्ट्रिकल सिस्टम को खराब कर सकते हैं। बारिश में भीगने से चेन का ल्यूब्रिकेंट धुल जाता है और जंग लगने का खतरा बढ़ जाता है। इससे बचने के लिए, चेन को नियमित रूप से साफ करें और उस पर वाटरप्रूफ चेन ल्यूब लगाएं। यह ल्यूब पानी को चेन पर टिकने नहीं देता। इसी तरह, बाइक के इलेक्ट्रिकल पार्ट्स जैसे स्पार्क प्लग और वायरिंग को पानी से बचाना ज़रूरी है। किसी भी खुली तार को तुरंत टेप से ढक दें। ज़रूरी कनेक्शन्स पर वाटर-रेपेलेंट स्प्रे (जैसे WD-40) का छिड़काव नमी को दूर रखता है और शॉर्ट-सर्किट से बचाता है।
सही गियर, नो फियर
मानसून में सिर्फ बाइक ही नहीं, राइडर का भी सुरक्षित रहना ज़रूरी है। भीगने से ध्यान भटक सकता है और आप बीमार पड़ सकते हैं। एक अच्छी क्वालिटी का वाटरप्रूफ रेनकोट या राइडिंग जैकेट ज़रूर खरीदें। यह आपको सूखा रखने के साथ-साथ किसी भी दुर्घटना में खरोंचों से भी बचाता है। इसके अलावा, वाटरप्रूफ राइडिंग बूट्स पहनें जो पैरों को सूखा रखते हैं और फिसलन भरी सतह पर अच्छी पकड़ देते हैं। हाथों की पकड़ बनाए रखने के लिए वाटरप्रूफ ग्लव्स पहनें, क्योंकि गीले हाथों से हैंडल या लीवर फिसल सकता है। सही गियर पहनकर आप बिना चिंता के अपनी राइड का आनंद ले सकते हैं।
राइड के बाद की देखभाल
मानसून में बाइक की देखभाल राइड के बाद भी उतनी ही ज़रूरी है। बारिश और कीचड़ में बाइक चलाने के बाद उसे ऐसे ही खड़ा न करें। कीचड़ में मौजूद एसिडिक तत्व बाइक के पेंट और मेटल पार्ट्स को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे जंग लग सकती है। सबसे अच्छा हैक यह है कि आप घर पहुंचते ही बाइक को साफ पानी से धो दें। इससे ताज़ा गंदगी आसानी से निकल जाएगी। बाइक धोने के बाद उसे एक सूखे कपड़े से पोंछ दें, खासकर मेटल पार्ट्स और चेन को। इसके बाद चेन को फिर से ल्यूब करें। यह छोटी सी आदत आपकी बाइक को लंबे समय तक नया बनाए रखेगी और बड़े खर्चों से बचाएगी।














