5. जस्ट फॉन्टेन (13 गोल)
इस सूची की शुरुआत एक ऐसे रिकॉर्ड से होती है जिसे तोड़ना लगभग नामुमकिन है। फ्रांस के स्ट्राइकर जस्ट फॉन्टेन ने अपने सभी 13 वर्ल्ड कप गोल सिर्फ एक ही टूर्नामेंट में दागे थे! 1958 के वर्ल्ड कप में उन्होंने
यह अविश्वसनीय कारनामा किया था। छह मैचों में 13 गोल का यह रिकॉर्ड आज भी किसी एक वर्ल्ड कप में सबसे ज़्यादा गोल करने का कीर्तिमान है। फॉन्टेन की गति, दोनों पैरों से शूट करने की क्षमता और शानदार फिनिशिंग उन्हें उस दौर के सबसे खतरनाक स्ट्राइकरों में से एक बनाती थी। दुख की बात है कि चोटों के कारण उनका करियर लंबा नहीं चल सका, लेकिन सिर्फ एक टूर्नामेंट में किए गए उनके प्रदर्शन ने उन्हें हमेशा के लिए वर्ल्ड कप के इतिहास में अमर कर दिया।
4. लियोनेल मेसी (13 गोल)
आधुनिक फुटबॉल के सबसे महान खिलाड़ियों में से एक, लियोनेल मेसी का नाम इस सूची में होना कोई आश्चर्य की बात नहीं है। पांच वर्ल्ड कप (2006, 2010, 2014, 2018, 2022) में खेलकर मेसी ने कुल 13 गोल किए हैं। उनकी यात्रा धैर्य और दृढ़ संकल्प की कहानी है। शुरुआती टूर्नामेंटों में गोल करने के लिए संघर्ष करने के बाद, मेसी ने 2022 में अपने करियर का शिखर छुआ। कतर में हुए वर्ल्ड कप में उन्होंने न सिर्फ अपनी टीम अर्जेंटीना को विश्व विजेता बनाया, बल्कि 7 गोल दागकर गोल्डन बॉल का पुरस्कार भी जीता। मेसी की ड्रिब्लिंग, विजन और मुश्किल मौकों पर गोल करने की कला उन्हें सबसे अलग बनाती है। वह इस सूची में एकमात्र एक्टिव खिलाड़ी हैं, जिन्होंने आख़िरकार अपने करियर को वर्ल्ड कप ट्रॉफी से सजाया।
3. गर्ड मुलर (14 गोल)
जर्मनी के इस महान स्ट्राइकर को 'डर बॉम्बर' (The Bomber) के नाम से जाना जाता था। गर्ड मुलर पेनल्टी बॉक्स के अंदर एक शिकारी की तरह थे। उन्हें गेंद को गोल में डालने के लिए बस एक छोटे से मौके की ज़रूरत होती थी। उन्होंने सिर्फ दो वर्ल्ड कप (1970 और 1974) में हिस्सा लिया और 14 गोल दाग दिए। 1970 के टूर्नामेंट में उन्होंने 10 गोल किए थे। उनकी सबसे बड़ी खासियत थी उनका 'गोल सेंस' - यानी सही समय पर सही जगह पर मौजूद रहना। वह तकनीकी रूप से सबसे कुशल खिलाड़ी नहीं थे, लेकिन उनकी फिनिशिंग लाजवाब थी। 1974 में घरेलू मैदान पर हुए वर्ल्ड कप फाइनल में नीदरलैंड्स के खिलाफ उनका विजयी गोल आज भी जर्मन फुटबॉल के सबसे यादगार पलों में से एक है।
2. रोनाल्डो नाज़ारियो (15 गोल)
ब्राज़ील के 'ओ फेनोमेनो' (The Phenomenon) यानी रोनाल्डो लुइस नाज़ारियो डी लीमा को उनकी पीढ़ी का सबसे संपूर्ण स्ट्राइकर माना जाता है। गति, शक्ति, ड्रिब्लिंग और शानदार फिनिशिंग का ऐसा मिश्रण फुटबॉल की दुनिया ने शायद ही कभी देखा हो। रोनाल्डो ने चार वर्ल्ड कप खेले, लेकिन उनके 15 गोल तीन टूर्नामेंट (1998, 2002, 2006) में आए। 1998 के फाइनल से पहले रहस्यमयी बीमारी और फिर गंभीर चोटों से जूझने के बाद, 2002 में उनकी वापसी किसी परीकथा से कम नहीं थी। उन्होंने उस टूर्नामेंट में 8 गोल दागकर ब्राज़ील को पांचवीं बार विश्व चैंपियन बनाया। उनकी कहानी सिर्फ गोल करने की नहीं, बल्कि हार न मानने और शिखर पर वापस लौटने के जज़्बे की भी है।
1. मिरोस्लाव क्लोज (16 गोल)
इस सूची के शिखर पर एक ऐसा खिलाड़ी है जो अपनी विनम्रता, टीम वर्क और लगातार प्रदर्शन के लिए जाना जाता है। जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोज FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे ज़्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने चार वर्ल्ड कप (2002, 2006, 2010, 2014) में कुल 16 गोल किए। क्लोज शायद रोनाल्डो जैसे विस्फोटक या मेसी जैसे जादुई नहीं थे, लेकिन वह एक बेहतरीन टीम प्लेयर और हवा में बेहद मजबूत थे। उनके हेडर से किए गए गोल उनकी खासियत थे। उन्होंने अपना 16वां और रिकॉर्ड-तोड़ गोल 2014 के सेमीफाइनल में ब्राज़ील के खिलाफ उन्हीं के घर में किया था। यह वही टूर्नामेंट था जिसे जीतकर जर्मनी ने चौथी बार वर्ल्ड कप अपने नाम किया। क्लोज का रिकॉर्ड उनकी लंबी उम्र और बड़े मंच पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करने की क्षमता का प्रमाण है।










