भारतीय सिविल सेवा (IAS, IPS, IFS)
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा पास करने के बाद चयनित अधिकारियों को भारत की सबसे प्रतिष्ठित सेवाओं में शामिल होने का मौका मिलता है। इसमें भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस
सेवा (IPS) और भारतीय विदेश सेवा (IFS) जैसी सेवाएँ शामिल हैं। इन सेवाओं की सबसे खास बात यह है कि ट्रेनिंग के पहले दिन से ही इन्हें पूरा वेतन मिलना शुरू हो जाता है। LBSNAA या SVPNPA जैसी अकादमियों में उनकी ट्रेनिंग को 'ऑन-ड्यूटी' माना जाता है। 7वें वेतन आयोग के अनुसार, इन अधिकारियों को पे-लेवल 10 का वेतन मिलता है, जिसकी शुरुआत 56,100 रुपये के बेसिक-पे से होती है। इसके साथ ही उन्हें महंगाई भत्ता (DA), आवास किराया भत्ता (HRA) और अन्य सभी भत्ते भी दिए जाते हैं, जो एक नियुक्त अधिकारी को मिलते हैं। इससे यह सुनिश्चित होता है कि अधिकारी बिना किसी वित्तीय चिंता के अपनी कठिन ट्रेनिंग पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सकें।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ग्रेड-बी ऑफिसर
बैंकिंग क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए RBI ग्रेड-बी ऑफिसर का पद एक सपने जैसा होता है। यह न केवल एक प्रतिष्ठित नौकरी है, बल्कि वेतन और सुविधाओं के मामले में भी यह सबसे आगे है। RBI ग्रेड-बी अधिकारियों को भी उनकी ट्रेनिंग और प्रोबेशन अवधि के दौरान पूरा वेतन दिया जाता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि RBI का अपना वेतन ढाँचा होता है, जो अक्सर सरकारी वेतन आयोगों से भी अधिक आकर्षक होता है। हालिया संशोधनों के बाद, एक RBI ग्रेड-बी ऑफिसर का शुरुआती बेसिक-पे ही लगभग 78,450 रुपये है, और सभी भत्तों को मिलाकर उनका ग्रॉस-वेतन काफी प्रभावशाली होता है। ट्रेनिंग के दौरान पूरी सैलरी का प्रावधान इस पद की जिम्मेदारी और महत्व को दर्शाता है।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (प्रोबेशनरी ऑफिसर)
IBPS PO और SBI PO जैसी परीक्षाओं के माध्यम से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में प्रोबेशनरी ऑफिसर (PO) के रूप में चयनित होने वाले उम्मीदवारों को भी ट्रेनिंग के दौरान पूरा वेतन मिलता है। ट्रेनिंग अवधि, जो कि बैंक के नियमों के अनुसार बदल सकती है, के दौरान उन्हें वेतन और भत्ते दोनों का भुगतान किया जाता है। बैंक पीओ का शुरुआती बेसिक-पे लगभग 48,480 रुपये होता है, लेकिन जब इसमें महंगाई भत्ता, विशेष भत्ता और एचआरए जैसे भत्ते जुड़ते हैं, तो ग्रॉस सैलरी 75,000 से 90,000 रुपये प्रति माह तक पहुँच जाती है। यह वित्तीय सुरक्षा युवाओं को बैंकिंग प्रणाली की जटिलताओं को सीखने और समझने में मदद करती है, क्योंकि वे जानते हैं कि उनके करियर की शुरुआत एक मजबूत वित्तीय आधार पर हुई है।
कर्मचारी चयन आयोग - सीजीएल (SSC CGL)
केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में ग्रुप 'B' और ग्रुप 'C' के पदों पर भर्ती के लिए कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा एक लोकप्रिय माध्यम है। असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर (ASO), इनकम टैक्स इंस्पेक्टर, एक्साइज इंस्पेक्टर जैसे पदों पर चयनित उम्मीदवारों को भी उनकी निर्धारित ट्रेनिंग के दौरान पूरा वेतन मिलता है। इन पदों के लिए ट्रेनिंग की अवधि कुछ हफ्तों से लेकर कुछ महीनों तक हो सकती है, लेकिन पहले दिन से ही उन्हें उनके निर्धारित पे-लेवल के अनुसार बेसिक-पे और सभी लागू भत्ते दिए जाते हैं। उदाहरण के लिए, एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर (ASO) का बेसिक-पे 44,900 रुपये से शुरू होता है, जो भत्तों के साथ मिलकर एक अच्छा मासिक वेतन बन जाता है।
रक्षा सेवाएँ (सेना, नौसेना और वायु सेना)
भारतीय सशस्त्र बलों में ऑफिसर के तौर पर शामिल होना गर्व की बात है। NDA और CDS जैसी परीक्षाओं के माध्यम से चयनित कैडेट्स को उनकी ट्रेनिंग के दौरान एक निश्चित 'स्टाइपेंड' दिया जाता है। हालांकि इसे स्टाइपेंड कहा जाता है, लेकिन इसकी राशि काफी महत्वपूर्ण होती है। वर्तमान में यह 56,100 रुपये प्रति माह है, जो कि एक लेफ्टिनेंट के शुरुआती बेसिक-पे के बराबर है। यह राशि कैडेट्स को उनकी ट्रेनिंग की जरूरतों को पूरा करने के लिए वित्तीय स्वतंत्रता देती है। ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी करने और कमीशन प्राप्त करने के बाद, वे एक अधिकारी के रूप में पूर्ण वेतन और भत्तों के हकदार हो जाते हैं, जिसमें विभिन्न प्रकार के अलाउंस जैसे कि मिलिट्री सर्विस पे (MSP), फील्ड एरिया अलाउंस आदि शामिल होते हैं। इस प्रकार, रक्षा सेवाओं में भी करियर की शुरुआत एक मजबूत वित्तीय समर्थन के साथ होती है।













