सबसे आम लक्षण: सीने में बेचैनी
हार्ट अटैक का सबसे आम और पहचाना जाने वाला लक्षण सीने में बेचैनी है। यह हमेशा फिल्मों में दिखाए जाने वाले तेज, अचानक दर्द जैसा नहीं होता। कई बार यह छाती के बीच में दबाव, जकड़न, भारीपन या दर्द जैसा महसूस
हो सकता है। यह बेचैनी कुछ मिनटों से ज़्यादा रह सकती है, या यह जा सकती है और फिर वापस आ सकती है। लोग अक्सर इसे गैस या एसिडिटी समझकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन इस तरह की किसी भी बेचैनी को गंभीरता से लेना चाहिए। यह लक्षण तब भी हो सकता है जब आप आराम कर रहे हों या कोई शारीरिक गतिविधि कर रहे हों।
शरीर के ऊपरी हिस्सों में दर्द या असहजता
हार्ट अटैक का दर्द सिर्फ सीने तक ही सीमित नहीं रहता। यह शरीर के ऊपरी हिस्सों में भी फैल सकता है। आपको एक या दोनों बांहों, पीठ, गर्दन, जबड़े या पेट में दर्द या असहजता महसूस हो सकती है। कई बार सिर्फ जबड़े या पीठ में हल्का दर्द होता है और सीने में कोई तकलीफ नहीं होती। यह दर्द धीरे-धीरे शुरू हो सकता है या फिर अचानक तेज हो सकता है। इन लक्षणों को मांसपेशियों का खिंचाव समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, खासकर अगर यह सीने की बेचैनी के साथ हो रहा हो।
सांस की तकलीफ और अत्यधिक थकान
अगर आपको बिना किसी मेहनत के भी सांस लेने में तकलीफ हो रही है, तो यह हार्ट अटैक का एक गंभीर संकेत हो सकता है। यह लक्षण सीने में दर्द के साथ या उसके बिना भी हो सकता है। आपको ऐसा महसूस हो सकता है जैसे आपने कोई भारी काम किया है, जबकि आप बस बैठे हुए थे। इसी तरह, असामान्य रूप से बहुत ज़्यादा थकान महसूस होना भी एक चेतावनी हो सकती है। अगर आप रोज़मर्रा के काम करने में भी हांफने लगते हैं या बहुत थक जाते हैं, जो पहले नहीं होता था, तो यह संकेत है कि आपके दिल को रक्त पंप करने में ज़्यादा मेहनत करनी पड़ रही है।
महिलाओं में दिखने वाले अलग लक्षण
यह जानना बहुत ज़रूरी है कि महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण पुरुषों से कुछ अलग हो सकते हैं। जबकि सीने में दर्द महिलाओं में भी सबसे आम लक्षण है, वे अक्सर असामान्य लक्षणों का अनुभव करती हैं, जिन्हें वे आसानी से पहचान नहीं पातीं। इनमें अत्यधिक थकान, सांस की तकलीफ, मतली या उल्टी, और पीठ, कंधे या जबड़े में दर्द शामिल हैं। कई महिलाएं सीने में तेज दर्द के बजाय दबाव या जलन महसूस कर सकती हैं। इन लक्षणों को अक्सर तनाव, फ्लू या अपच का परिणाम मान लिया जाता है, जिससे इलाज में देरी हो सकती है।
साइलेंट हार्ट अटैक: जब संकेत हों हल्के
हर पांच में से लगभग एक हार्ट अटैक 'साइलेंट' होता है, जिसका मतलब है कि पीड़ित को पता ही नहीं चलता कि उसे दिल का दौरा पड़ा है। इसके लक्षण इतने हल्के या अस्पष्ट होते हैं कि लोग उन्हें अनदेखा कर देते हैं। इन लक्षणों में हल्का सीने में दर्द, थकान, सांस फूलना, चक्कर आना या पेट में अपच जैसी भावना शामिल हो सकती है। साइलेंट हार्ट अटैक विशेष रूप से मधुमेह के रोगियों, बुजुर्गों और महिलाओं में अधिक आम है। भले ही लक्षण हल्के हों, लेकिन दिल को हुआ नुकसान उतना ही गंभीर हो सकता है।
लक्षण दिखने पर तुरंत क्या करें?
अगर आपको या आपके किसी करीबी को हार्ट अटैक के लक्षण दिखाई दें, तो एक-एक पल कीमती है। तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं (एम्बुलेंस) के लिए कॉल करें। अस्पताल जाने के लिए खुद गाड़ी चलाने की कोशिश न करें। अगर डॉक्टर ने सलाह दी है और आपको एलर्जी नहीं है, तो एस्पिरिन की एक गोली चबा सकते हैं, यह खून को पतला करने में मदद करती है। व्यक्ति को आराम से बिठाएं और उनके तंग कपड़े ढीले कर दें। जब तक चिकित्सा सहायता न पहुंच जाए, शांत रहने की कोशिश करें और व्यक्ति को अकेला न छोड़ें।














