यह धोखाधड़ी कैसे काम करती है?
इस तरह की धोखाधड़ी में, अपराधी खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी, आरबीआई या ट्राई (TRAI) जैसी सरकारी संस्था का अधिकारी बताते हैं। वे आपको फोन करके कहते हैं कि आपका आधार कार्ड या बैंक खाता किसी अवैध गतिविधि, जैसे
मनी लॉन्ड्रिंग या आतंकवादी फंडिंग, में इस्तेमाल हुआ है। वे माहौल को गंभीर बनाने के लिए कानूनी धाराओं का हवाला देते हैं और तुरंत कार्रवाई न करने पर खाता फ्रीज करने या गिरफ्तार करने की धमकी देते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य आप पर दबाव बनाकर आपसे व्यक्तिगत जानकारी (जैसे OTP, पासवर्ड) या पैसे ऐंठना होता है। वे अक्सर वीडियो कॉल पर नकली वर्दी में भी नजर आते हैं ताकि आप डर जाएं।
धोखेबाजों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली आम बातें
स्कैमर्स आपको फंसाने के लिए कुछ खास तरह की कहानियों का इस्तेमाल करते हैं। वे कह सकते हैं कि आपका केवाईसी (KYC) अपडेट नहीं है और इसे तुरंत ऑनलाइन वेरीफाई करना होगा, नहीं तो खाता बंद हो जाएगा। एक और आम बहाना यह होता है कि आपके नंबर से कोई अवैध गतिविधि हुई है और आपका खाता जांच के दायरे में है। वे 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी शब्दावली का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसमें वे आपको वीडियो कॉल पर बंधक बनाकर रखते हैं और कहीं आने-जाने से रोकते हैं। उनका मकसद आपको इतना डरा देना होता है कि आप बिना सोचे-समझे उनके निर्देशों का पालन करने लगें।
असली और नकली में फर्क कैसे पहचानें?
यह समझना महत्वपूर्ण है कि कोई भी सरकारी एजेंसी या बैंक आपको फोन पर खाता फ्रीज करने की धमकी नहीं देता है। बैंक खाते को फ्रीज करने की एक कानूनी प्रक्रिया होती है। बैंक आमतौर पर संदिग्ध लेन-देन, केवाईसी की कमी, या अदालत के आदेश जैसी स्थितियों में ही खाता फ्रीज करता है। लेकिन इसकी सूचना आपको लिखित में या ईमेल के जरिए दी जाती है, न कि एक अनजान नंबर से धमकी भरे कॉल द्वारा। आरबीआई या पुलिस अधिकारी कभी भी आपसे फोन पर ओटीपी, पासवर्ड या पैसे की मांग नहीं करते हैं। अगर कोई ऐसा कर रहा है, तो यह निश्चित रूप से एक धोखाधड़ी है।
अगर ऐसा कोई कॉल आए तो आपको क्या करना चाहिए?
अगर आपको इस तरह का कोई भी कॉल आता है, तो सबसे पहला नियम है - घबराएं नहीं। शांत रहें और किसी भी तरह की जानकारी साझा न करें। कॉल करने वाले से उसकी पहचान, आईडी नंबर और विभाग के बारे में पूछें, लेकिन उनकी दी गई किसी भी जानकारी पर भरोसा न करें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें या कोई भी ऐप डाउनलोड न करें। फोन तुरंत काट दें और उस नंबर को ब्लॉक कर दें। याद रखें, आपकी घबराहट ही धोखेबाज का सबसे बड़ा हथियार है।
धोखाधड़ी की शिकायत कहां और कैसे करें?
ऐसी किसी भी घटना की सूचना तुरंत देना महत्वपूर्ण है। आप भारत सरकार के राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके अलावा, आप साइबर धोखाधड़ी के लिए विशेष रूप से बनाए गए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल कर सकते हैं। यह हेल्पलाइन 24/7 काम करती है और वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में तुरंत कार्रवाई करने में मदद करती है। जितनी जल्दी आप शिकायत करेंगे, आपके पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ही बढ़ जाएगी। साथ ही, अपने बैंक को भी इस घटना की सूचना दें ताकि वे आपके खाते पर नजर रख सकें।













