अनजान व्यक्ति पर भरोसा करना
सबसे बड़ी और आम गलती किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयर करना है। स्कैमर्स अक्सर खुद को बैंक कर्मचारी, कस्टमर केयर एजेंट या किसी प्रतिष्ठित कंपनी का प्रतिनिधि बताकर आपको कॉल करते हैं। वे किसी समस्या
का समाधान करने या कोई ऑफर एक्टिवेट करने का झांसा देकर आपसे स्क्रीन शेयर करने को कहते हैं। जैसे ही आप भरोसा करके एक्सेस देते हैं, वे आपकी हर गतिविधि पर नजर रखने लगते हैं और संवेदनशील जानकारी चुरा लेते हैं। याद रखें, कोई भी असली बैंक या कंपनी आपसे कभी भी स्क्रीन शेयर करने के लिए नहीं कहेगी।
फ़र्ज़ी ऐप्स डाउनलोड करना
स्कैमर्स आपको किसी समस्या को ठीक करने के बहाने TeamViewer, AnyDesk या कोई अन्य रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड करने के लिए कह सकते हैं। ये ऐप्स अपने आप में वैध हैं और अक्सर आईटी सपोर्ट के लिए उपयोग किए जाते हैं, लेकिन गलत हाथों में ये खतरनाक हथियार बन जाते हैं। एक बार जब आप उन्हें एक्सेस दे देते हैं, तो वे आपके फोन का पूरा कंट्रोल ले सकते हैं, ठीक वैसे ही जैसे आपने अपने घर की चाबियां किसी अजनबी को दे दी हों। वे आपकी जानकारी के बिना आपके बैंकिंग ऐप को ऑपरेट कर सकते हैं और पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं। हमेशा केवल Google Play Store या Apple App Store जैसे विश्वसनीय स्रोतों से ही ऐप डाउनलोड करें।
स्क्रीन शेयरिंग के दौरान बैंकिंग ऐप खोलना
यह एक बहुत बड़ी गलती है। जब आपकी स्क्रीन शेयर हो रही हो, तो सामने वाला व्यक्ति वह सब कुछ देख सकता है जो आप अपनी स्क्रीन पर कर रहे हैं। अगर आप इस दौरान अपना बैंकिंग ऐप, यूपीआई ऐप या कोई ई-वॉलेट खोलते हैं, तो स्कैमर आपका यूजरनेम, पासवर्ड, पिन और खाते की शेष राशि सब कुछ लाइव देख लेता है। वे आपको 'वेरिफिकेशन' के बहाने ऐसा करने के लिए उकसा सकते हैं। जैसे ही आप अपना पिन या पासवर्ड डालते हैं, वे उसे नोट कर लेते हैं और बाद में इसका इस्तेमाल आपका खाता खाली करने के लिए करते हैं।
नोटिफिकेशन और पॉप-अप्स को नज़रअंदाज़ करना
जब आप स्क्रीन शेयर कर रहे होते हैं, तो आपके फोन पर आने वाले नोटिफिकेशन्स भी सामने वाले को दिखाई देते हैं। इसमें बैंक से आने वाले वन-टाइम पासवर्ड (OTP), ट्रांजेक्शन अलर्ट या अन्य व्यक्तिगत संदेश शामिल हो सकते हैं। स्कैमर्स इन्हीं ओटीपी का इंतजार करते हैं। जैसे ही कोई ओटीपी आपके फोन पर आता है, वे उसे देखकर अपने डिवाइस पर दर्ज कर लेते हैं और ट्रांजेक्शन को पूरा कर लेते हैं। इससे पहले कि आपको कुछ समझ आए, आपका पैसा चोरी हो चुका होता है। कुछ फोन में अब ऐसे फीचर आ रहे हैं जो स्क्रीन शेयरिंग के दौरान नोटिफिकेशन को छिपा देते हैं, लेकिन इस पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहा जा सकता।
बैकग्राउंड में खुले टैब्स और ऐप्स
हो सकता है कि आप केवल एक विशिष्ट विंडो या ऐप साझा करना चाहते हों, लेकिन गलती से पूरी स्क्रीन साझा कर दें। ऐसे में अगर आपके बैकग्राउंड में कोई ऐसा टैब या ऐप खुला है जिसमें आपकी व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी है, तो वह भी लीक हो सकती है। उदाहरण के लिए, हो सकता है कि आपने अपना ईमेल खोला हो जिसमें बैंक स्टेटमेंट हों, या कोई दस्तावेज़ जिसमें आपकी निजी जानकारी हो। इसलिए, स्क्रीन शेयर शुरू करने से पहले हमेशा सभी अनावश्यक ऐप्स और टैब्स को बंद कर देना एक अच्छी आदत है।
अगर गलती हो जाए तो क्या करें?
अगर आपको संदेह है कि आपने गलती से किसी गलत व्यक्ति के साथ अपनी स्क्रीन साझा कर दी है, तो तुरंत अपना इंटरनेट कनेक्शन बंद कर दें और स्क्रीन शेयरिंग सेशन को समाप्त करें। इसके फौरन बाद अपने सभी महत्वपूर्ण पासवर्ड, विशेषकर अपने बैंकिंग पिन और पासवर्ड बदलें। अपने बैंक को तुरंत सूचित करें और खाते की गतिविधियों पर नज़र रखें। किसी भी धोखाधड़ी की स्थिति में, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करें।














