गोल्डन बॉल: स्पेन के मिडफ़ील्ड की रीढ़ 'रोड्री'
टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का गोल्डन बॉल पुरस्कार स्पेन के कप्तान रोड्री ने जीता। मैनचेस्टर सिटी के इस मिडफील्डर ने पूरे टूर्नामेंट में स्पेन के खेल को नियंत्रित किया। उन्होंने कोई गोल नहीं किया,
लेकिन मिडफील्ड में उनकी पकड़, सटीक पासिंग और खेल की समझ ने स्पेन को विश्व विजेता बनाने में सबसे अहम भूमिका निभाई। फाइनल में अर्जेंटीना के खिलाफ भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और लियोनेल मेसी जैसे खिलाड़ी को भी खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। रोड्री को यूरोपीय चैंपियनशिप 2024 में भी टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था, और अब विश्व कप में भी यह खिताब जीतकर उन्होंने खुद को अपनी पीढ़ी के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में स्थापित कर लिया है।
गोल्डन बूट: लगातार दूसरी बार किलियन एम्बाप्पे का जलवा
फ्रांस के सुपरस्टार किलियन एम्बाप्पे ने लगातार दूसरे विश्व कप में गोल्डन बूट का पुरस्कार जीता। उन्होंने टूर्नामेंट में रिकॉर्ड 10 गोल किए। भले ही उनकी टीम फ्रांस फाइनल में नहीं पहुंच सकी और उसे तीसरे स्थान के मुकाबले में इंग्लैंड से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन एम्बाप्पे ने अपनी गोल स्कोरिंग क्षमता से सभी को प्रभावित किया। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे स्थान के मैच में दो गोल दागकर लियोनेल मेसी (8 गोल) को पीछे छोड़ा। इसके साथ ही एम्बाप्पे विश्व कप इतिहास में 22 गोल के साथ सबसे ज्यादा गोल करने वाले सक्रिय खिलाड़ी भी बन गए हैं।
गोल्डन ग्लव: स्पेन की 'दीवार' उनाई सिमोन
सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर का गोल्डन ग्लव पुरस्कार स्पेन के उनाई सिमोन को दिया गया। सिमोन ने टूर्नामेंट में एक अविश्वसनीय रिकॉर्ड बनाया, उन्होंने 8 मैचों में 7 क्लीन शीट (मैच जिसमें कोई गोल नहीं हुआ) रखीं। पूरे टूर्नामेंट में स्पेन ने सिर्फ एक गोल खाया, जो बेल्जियम के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में आया था। फाइनल में अर्जेंटीना के खिलाफ भी सिमोन ने कई शानदार बचाव किए और अपनी टीम की 1-0 की जीत सुनिश्चित की। उनके इस प्रदर्शन ने 2010 में इकर कैसिलास की याद दिला दी, जिन्होंने स्पेन को उसका पहला विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई थी।
बेस्ट यंग प्लेयर: भविष्य का सितारा पाउ कुबारसी
टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ युवा खिलाड़ी का पुरस्कार भी स्पेन के ही नाम रहा। 19 वर्षीय डिफेंडर पाउ कुबारसी ने अपने प्रदर्शन से सभी को चौंका दिया। इतनी कम उम्र में उन्होंने स्पेन के डिफेंस में एक प्रमुख भूमिका निभाई और हर मैच में अद्भुत परिपक्वता दिखाई। उन्होंने अपनी ही टीम के एक और युवा सनसनी, लामिन यमाल को पछाड़कर यह पुरस्कार जीता। कुबारसी का शांत स्वभाव, गेंद पर नियंत्रण और मजबूत टैकलिंग यह साबित करता है कि वह आने वाले कई सालों तक फुटबॉल की दुनिया पर राज करने के लिए तैयार हैं।
फीफा फेयर प्ले ट्रॉफी: नीदरलैंड्स
खेल भावना के लिए दिया जाने वाला फीफा फेयर प्ले अवॉर्ड इस बार नीदरलैंड्स की टीम को मिला। यह पुरस्कार उस टीम को दिया जाता है जो पूरे टूर्नामेंट के दौरान मैदान पर और मैदान के बाहर सबसे अनुशासित और सम्मानजनक व्यवहार करती है। नीदरलैंड्स की टीम ने खेल के नियमों का सम्मान करते हुए और विरोधियों के प्रति अच्छी भावना दिखाते हुए यह अवॉर्ड अपने नाम किया।











