1. पत्तेदार सब्जियां
पालक, पत्तागोभी और मेथी जैसी सब्जियां सेहतमंद होती हैं, लेकिन मानसून में इनमें कीड़े और बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ जाता है। नमी के कारण इन पर जमी गंदगी और कीटाणु आसानी से नहीं निकलते, जिससे पेट में संक्रमण
हो सकता है। अगर आप इनका सेवन करना ही चाहते हैं, तो इन्हें गर्म पानी और नमक से अच्छी तरह धोकर और पूरी तरह पकाकर ही खाएं।
2. स्ट्रीट फूड
बारिश में गरमागरम पकौड़े, चाट और गोलगप्पे खाने का मन बहुत करता है, लेकिन इनसे परहेज करना ही समझदारी है। खुले में बिकने वाले खाने में इस्तेमाल होने वाला पानी दूषित हो सकता है और साफ-सफाई की कमी से टाइफाइड, डायरिया और फूड पॉइजनिंग जैसी बीमारियां हो सकती हैं।
3. सी-फूड (मछली और अन्य समुद्री जीव)
मानसून का समय मछलियों और कई समुद्री जीवों के प्रजनन का होता है। इस दौरान सी-फूड खाने से फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही, पानी में प्रदूषण बढ़ने से मछलियां भी संक्रमित हो सकती हैं, इसलिए इस मौसम में इन्हें खाने से बचना चाहिए।
4. पहले से कटे हुए फल और सलाद
बाजार में मिलने वाले पहले से कटे हुए फल या सलाद देखने में भले ही ताजे लगें, लेकिन वे सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं। हवा में मौजूद नमी के कारण कटे हुए फलों पर बैक्टीरिया बहुत तेजी से पनपते हैं, जो संक्रमण का कारण बन सकते हैं। हमेशा ताजे फल खरीदें और उन्हें खाने से ठीक पहले ही काटें।
5. तला हुआ और मसालेदार भोजन
मानसून में हमारी पाचन क्रिया थोड़ी धीमी हो जाती है। ऐसे में समोसे, कचौड़ी और ज्यादा तेल-मसाले वाला खाना पचाना मुश्किल हो जाता है। इस तरह का भोजन करने से पेट फूलना, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बेहतर होगा कि आप हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन करें।
6. डेयरी प्रोडक्ट्स
दूध, दही और पनीर जैसे डेयरी उत्पाद मानसून में जल्दी खराब हो सकते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, इस मौसम में डेयरी उत्पादों का अधिक सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि ये संक्रमण का खतरा बढ़ा सकते हैं। अगर आप दही का सेवन कर भी रहे हैं तो सुनिश्चित करें कि वह ताजा हो, क्योंकि बासी दही खाने से गले में खराश और सर्दी-जुकाम की समस्या हो सकती है।
7. मशरूम
मशरूम नमी वाली जगहों पर उगते हैं, इसलिए इनमें बैक्टीरिया और फंगस लगने का खतरा बहुत ज्यादा होता है। बारिश के मौसम में गलत तरह के मशरूम खाने से संक्रमण का जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए, यदि आप मशरूम खाना चाहते हैं, तो सुनिश्चित करें कि वे अच्छी गुणवत्ता वाले और ताजे हों और उन्हें अच्छी तरह पकाकर खाएं।
8. कार्बोनेटेड ड्रिंक्स
कोल्ड ड्रिंक्स और अन्य कार्बोनेटेड पेय पदार्थ शरीर में मिनरल्स को कम करते हैं और पाचन तंत्र को कमजोर कर सकते हैं। मानसून में जब पाचन शक्ति पहले से ही कमजोर होती है, तब इन ड्रिंक्स का सेवन पाचन एंजाइमों की गतिविधि को और कम कर देता है, जिससे पेट संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
9. कच्चा अंकुरित अनाज
कच्चे स्प्राउट्स या अंकुरित अनाज स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छे होते हैं, लेकिन मानसून में इन्हें कच्चा खाने से बचना चाहिए। नमी वाला वातावरण बैक्टीरिया जैसे ई. कोलाई और साल्मोनेला के पनपने के लिए आदर्श होता है। इन बैक्टीरिया से बचने के लिए अंकुरित अनाज को कच्चा खाने की बजाय भाप में पकाकर या उबालकर खाना बेहतर है।
10. बैंगन और शिमला मिर्च
कुछ सब्जियों में इस मौसम में कीड़े लगने की संभावना बढ़ जाती है। बैंगन और शिमला मिर्च जैसी सब्जियों में बारिश के दौरान कीड़े जल्दी लगते हैं। इन्हें खरीदने से पहले अच्छी तरह जांच लें कि उनमें कोई छेद या दाग तो नहीं है। इन्हें हमेशा अच्छी तरह पकाकर ही खाना चाहिए ताकि किसी भी तरह के संक्रमण से बचा जा सके।













