सबसे ऊंचा देश: भूटान
इस सवाल का सीधा जवाब है भूटान। जी हां, भारत का यह छोटा-सा पड़ोसी देश दुनिया में औसत ऊंचाई के हिसाब से सबसे ऊपर बसा है। जब हम 'सबसे ऊंचे देश' की बात करते हैं, तो इसका मतलब किसी एक पहाड़ की चोटी से नहीं,
बल्कि पूरे देश की ज़मीन की समुद्र तल से औसत ऊंचाई से होता है। भूटान की औसत ऊंचाई लगभग 3,280 मीटर (10,760 फीट) है, जो इसे इस सूची में पहले स्थान पर रखती है। इसके ठीक पीछे नेपाल का स्थान आता है, जिसकी औसत ऊंचाई भी लगभग भूटान के बराबर ही है।
पहाड़ों से घिरा 'लैंड ऑफ द थंडर ड्रैगन'
भूटान, जिसे 'लैंड ऑफ द थंडर ड्रैगन' के नाम से भी जाना जाता है, पूरी तरह से हिमालय की गोद में बसा एक देश है। इसका लगभग पूरा भू-भाग ऊंचे और दुर्गम पहाड़ों से ढका है। देश का उत्तरी हिस्सा तो बर्फीली चोटियों से अटा पड़ा है, जिनमें गंगखर पुनसुम जैसी चोटियां भी शामिल हैं, जो दुनिया के सबसे ऊंचे अनछुए पर्वतों में से एक है। इन पहाड़ों और गहरी घाटियों की वजह से ही भूटान की औसत ऊंचाई इतनी ज़्यादा है। यह भौगोलिक स्थिति ही भूटान को उसकी अनोखी पहचान और खूबसूरती देती है, लेकिन साथ ही यह जीवन को चुनौतीपूर्ण भी बनाती है।
ऊंचाई पर जीवन: संस्कृति और खुशहाली
भूटान अपनी 'सकल राष्ट्रीय खुशहाली' (Gross National Happiness) की अवधारणा के लिए दुनिया भर में मशहूर है। यहां विकास को सिर्फ आर्थिक आंकड़ों से नहीं, बल्कि लोगों की खुशी और पर्यावरण की सेहत से भी मापा जाता है। भूटानी जीवनशैली पर बौद्ध धर्म का गहरा प्रभाव है। यहां के लोग प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर रहते हैं और पर्यावरण संरक्षण को बहुत महत्व देते हैं। देश के संविधान में यह अनिवार्य है कि कम से कम 60% हिस्सा हमेशा जंगलों से ढका रहे। कम अपराध दर, मुफ्त शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं और एक मजबूत सामुदायिक भावना यहां के जीवन की खासियतें हैं। यहां के लोग शांतिप्रिय और मेहमाननवाज होते हैं, और उनकी संस्कृति आज भी काफी हद तक अपने मूल रूप में जीवित है।
ऊंचाई की चुनौतियां
इतनी ऊंचाई पर रहना आसान नहीं होता। यहां हवा में ऑक्सीजन की मात्रा कम होती है, जिसे हाइपोक्सिया कहते हैं। इसके कारण सिरदर्द, थकान और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं आम होती हैं, जिसे 'एक्यूट माउंटेन सिकनेस' कहा जाता है। जो लोग यहां पैदा होते हैं, उनका शरीर तो इसके अनुकूल हो जाता है, लेकिन बाहर से आने वालों को शुरुआत में काफी मुश्किल होती है। इसके अलावा, पहाड़ी इलाका होने के कारण खेती के लिए समतल ज़मीन बहुत कम है और एक जगह से दूसरी जगह जाना भी काफी मुश्किल और समय लेने वाला होता है। सड़कें पहाड़ों को काटकर बनाई गई हैं और मॉनसून में भूस्खलन का खतरा बना रहता है।
अन्य ऊंचे देश और शहर
भूटान के अलावा नेपाल, ताजिकिस्तान और किर्गिस्तान भी दुनिया के सबसे ऊंचे देशों में शुमार हैं। ये सभी देश विशाल पर्वत श्रृंखलाओं पर स्थित हैं। दिलचस्प बात यह है कि दुनिया की सबसे ऊंची राजधानी भूटान की थिम्फू नहीं, बल्कि बोलीविया की ला पाज़ है। ला पाज़ शहर लगभग 3,640 मीटर (11,975 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है, जो भूटान की औसत ऊंचाई से भी ज़्यादा है। इससे पता चलता है कि देश की औसत ऊंचाई और किसी एक शहर की ऊंचाई दो अलग-अलग पैमाने हैं।














