1. फेरान टोरेस (स्पेन बनाम अर्जेंटीना)
फाइनल मैच में जब लग रहा था कि मुकाबला पेनल्टी शूटआउट की तरफ बढ़ रहा है, तब फेरान टोरेस ने अतिरिक्त समय में एक सनसनीखेज गोल किया। 106वें मिनट में बॉक्स के अंदर उछलती हुई गेंद पर उन्होंने बाएं पैर से ऐसा
शॉट लगाया जो सीधे क्रॉसबार के नीचे से नेट में जा लगा। यह गोल न सिर्फ निर्णायक साबित हुआ बल्कि इसने स्पेन को दूसरी बार विश्व चैंपियन बना दिया और लियोनेल मेसी के लगातार दूसरे खिताब के सपने को तोड़ दिया।
2. जूलियन अल्वारेज़ (अर्जेंटीना बनाम स्विट्जरलैंड)
क्वार्टर फाइनल में अतिरिक्त समय के दौरान अर्जेंटीना की टीम 10 खिलाड़ियों वाली स्विस टीम के खिलाफ संघर्ष कर रही थी। तभी जूलियन अल्वारेज़ ने बॉक्स के बाहर से एक शानदार कर्लिंग शॉट लगाकर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। इस गोल को क्वार्टर-फाइनल और सेमी-फाइनल का सर्वश्रेष्ठ गोल भी चुना गया। इस जादुई गोल ने अर्जेंटीना के लिए सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर दिया।
3. किलियन एम्बाप्पे (फ्रांस बनाम मोरक्को)
फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने इस टूर्नामेंट में 10 गोल करके गोल्डन बूट अपने नाम किया। मोरक्को के खिलाफ उनका कर्लिंग गोल उनकी असाधारण प्रतिभा का एक और उदाहरण था। उन्होंने गति और नियंत्रण का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए एक मुश्किल एंगल से गोल कर मैच का रुख ही बदल दिया।
4. एंड्रियास शेल्डरअप (नॉर्वे बनाम इंग्लैंड)
नॉर्वे के इस युवा विंगर ने लगभग असंभव एंगल से गोल करके सबको हैरान कर दिया। इंग्लैंड के खिलाफ उनका यह शॉट इतना शक्तिशाली और सटीक था कि गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड के पास कोई मौका नहीं था। इस गोल को टूर्नामेंट के सबसे बेहतरीन गोलों में से एक के रूप में काफी प्रशंसा मिली।
5. एर्लिंग हालैंड (नॉर्वे बनाम ब्राजील)
राउंड ऑफ 16 के एक कड़े मुकाबले में एर्लिंग हालैंड ने ब्राजील के खिलाफ दो गोल किए। उनका दूसरा गोल खास तौर पर यादगार था, जो उन्होंने 90वें मिनट में किया। यह एक लंबी दूरी का ग्राउंडेड शॉट था, जो ब्राजील के डिफेंडर के पैरों के बीच से निकलकर (नटमेग) गोल में समा गया। इस गोल ने नॉर्वे की क्वार्टर फाइनल में पहली बार जगह पक्की की।
6. एंजो फर्नांडीज (अर्जेंटीना बनाम इंग्लैंड)
सेमीफाइनल जैसे बड़े मैच में इंग्लैंड के खिलाफ अर्जेंटीना पिछड़ रही थी, तभी एंजो फर्नांडीज ने एक लंबी दूरी के धमाकेदार शॉट से बराबरी का गोल दागा। इस गोल ने न केवल अर्जेंटीना को मैच में वापस लाया, बल्कि टीम में एक नया जोश भी भर दिया। इसे टूर्नामेंट के सबसे महत्वपूर्ण गोलों में से एक माना गया।
7. लियोनेल मेसी (अर्जेंटीना बनाम केप वर्डे)
इस सूची में लियोनेल मेसी का नाम न हो, ऐसा कैसे हो सकता है। विश्व कप के सर्वकालिक शीर्ष स्कोरर मेसी ने केप वर्डे के खिलाफ राउंड ऑफ 32 में एक महत्वपूर्ण गोल किया। अतिरिक्त समय तक चले इस रोमांचक मैच में उनका पहला टच और फिर নিখুঁত शॉट अर्जेंटीना की 3-2 की जीत में सहायक बना।
8. जियो रेना (यूएसए बनाम पैराग्वे)
अमेरिकी खिलाड़ी जियो रेना ने पैराग्वे के खिलाफ अपने अद्भुत कौशल का प्रदर्शन किया। मैच के 82वें मिनट में मैदान पर आने के बाद, उन्होंने 18-यार्ड बॉक्स के ठीक अंदर से अपने पैर के बाहरी हिस्से (ट्रिवेला) का उपयोग करके एक शानदार गोल किया। यह गोल अमेरिका की बड़ी जीत का प्रतीक बन गया।
9. विल्सन इसिडोर (हैती बनाम मोरक्को)
टूर्नामेंट के सबसे अप्रत्याशित और शानदार गोलों में से एक हैती के विल्सन इसिडोर ने किया। उन्होंने मोरक्को के खिलाफ 25 गज से अधिक की दूरी से एक ऐसा रॉकेट शॉट लगाया जो सीधे गोल में जा गिरा। यह एक ऐसा गोल था जिसने दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों को आश्चर्यचकित कर दिया।
10. लिवानो कॉमेनेन्सिया (कुराकाओ बनाम जर्मनी)
यह गोल अपनी ऐतिहासिक महत्ता के लिए यादगार है। कुराकाओ जैसी छोटी टीम के लिए विश्व कप में जर्मनी जैसी बड़ी टीम के खिलाफ गोल करना एक सपने के सच होने जैसा था। कॉमेनेन्सिया का बाएं पैर से किया गया यह गोल उनके देश का पहला विश्व कप गोल था, जिसने उन्हें 17 मिनट के लिए जर्मनी के बराबर ला खड़ा किया था।











