सूचनाओं (नोटिफिकेशन्स) को नियंत्रित करें
बार-बार आने वाले नोटिफिकेशन हमारा ध्यान भटकाते हैं और हमें फोन उठाने पर मजबूर करते हैं. इसका सबसे सरल उपाय है गैर-जरूरी ऐप्स के नोटिफिकेशन को बंद करना. आप केवल उन ऐप्स के लिए नोटिफिकेशन चालू रखें जो वाकई
महत्वपूर्ण हैं, जैसे कि कॉल्स, मैसेज या काम से जुड़े ईमेल. ऐसा करने से आपका ध्यान कम भटकेगा और आप बार-बार फोन चेक करने की आदत से बचेंगे. यह डिजिटल शांति की ओर पहला और सबसे प्रभावी कदम है.
घर में 'नो-फोन ज़ोन' बनाएं
अपने घर में कुछ ऐसी जगहें तय करें जहां फोन का इस्तेमाल पूरी तरह से वर्जित हो. उदाहरण के लिए, डाइनिंग टेबल और बेडरूम को 'नो-फोन ज़ोन' बनाया जा सकता है. खाना खाते समय परिवार के साथ बातचीत पर ध्यान केंद्रित करें और फोन को दूर रखें. इसी तरह, सोने से कम से कम एक घंटा पहले फोन का इस्तेमाल बंद कर देने से दिमाग को आराम मिलता है, जिससे नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है. फोन को अपने बिस्तर से दूर चार्ज करने की आदत डालें, ताकि रात में आपकी नींद बाधित न हो.
सुबह और रात का नियम अपनाएं
बहुत से लोगों की आदत होती है कि वे सुबह उठते ही सबसे पहले अपना फोन चेक करते हैं और रात को सोने से ठीक पहले तक स्क्रीन स्क्रॉल करते रहते हैं. यह आदत मानसिक स्वास्थ्य के लिए अच्छी नहीं है. सुबह उठने के बाद कम से कम 30-60 मिनट तक फोन से दूर रहने का नियम बनाएं. इस समय का उपयोग ध्यान, व्यायाम या परिवार के साथ बातचीत में करें. इसी तरह, रात को सोने से एक घंटे पहले स्क्रीन से दूरी बना लें. फोन से निकलने वाली नीली रोशनी मेलाटोनिन हार्मोन को प्रभावित करती है, जिससे नींद आने में मुश्किल होती है.
पुराने शौक और नई गतिविधियों को समय दें
अक्सर हम बोरियत दूर करने के लिए फोन का सहारा लेते हैं. इसका एक बेहतरीन विकल्प है कि आप अपने पुराने शौक को फिर से शुरू करें या कोई नई गतिविधि अपनाएं. खाली समय में किताबें पढ़ें, पेंटिंग करें, संगीत सुनें, बागवानी करें या कोई वाद्य यंत्र बजाना सीखें. दोस्तों और परिवार के साथ आमने-सामने समय बिताएं या टहलने जाएं. जब आपका मन किसी रचनात्मक या शारीरिक गतिविधि में लगा रहेगा, तो आपको फोन की याद कम आएगी.
ऐप्स को व्यवस्थित और सीमित करें
जिन ऐप्स पर आप सबसे ज्यादा समय बर्बाद करते हैं, उन्हें अपनी होम स्क्रीन से हटा दें. उन्हें किसी फोल्डर के अंदर रखने से उन्हें खोलने के लिए एक अतिरिक्त कदम उठाना पड़ेगा, जो आवेग में उपयोग को कम कर सकता है. इसके अलावा, आप अपने फोन में 'डिजिटल वेलबीइंग' या 'स्क्रीन टाइम' जैसे फीचर्स का उपयोग करके ऐप्स के लिए समय सीमा तय कर सकते हैं. जब समय सीमा समाप्त हो जाएगी, तो ऐप अपने आप बंद हो जाएगा, जो आपको एक जरूरी ब्रेक लेने का संकेत देगा.
जागरूकता और छोटे-छोटे ब्रेक
सबसे महत्वपूर्ण है अपने फोन उपयोग के पैटर्न के प्रति जागरूक होना. आप हर हफ्ते यह ट्रैक कर सकते हैं कि आप अपना समय कहां बिता रहे हैं. दिन में कई बार छोटे-छोटे डिजिटल डिटॉक्स ब्रेक लेने की आदत डालें. यह 15 से 30 मिनट का ब्रेक हो सकता है, जिसमें आप फोन को पूरी तरह से दूर रख दें. इन छोटे-छोटे प्रयासों से धीरे-धीरे फोन पर आपकी निर्भरता कम होगी और आप अपने समय का बेहतर उपयोग कर पाएंगे.















